हीरे और कांच का अंतर

Moral Stories in Hindi

बहुत समय पहले की बात है। वरदानारायण नाम का एक राजा था। वह उन शक्तिशाली राजाओं में से एक थे जिन्होंने एक बार केशवराज पर शासन किया था। सर्दियों के दिन थे। सर्दियों में केशवराज में बहुत ठंडा तापमान हुआ करता था। इसलिए राजा का दरबार सर्दियों में खुले में बैठा था। पूरी आम सभा सुबह की धुप में बैठी थी।

राजा वरदानारायण के लिए पूरा मंच तैयार किया गया था। उनके सभी मंत्री बैठक में मौजूद थे। राजा के परिवार के सदस्य भी बैठे थे। बैठक चल रही थी।

उसी समय एक व्यक्ति आया और राजा से दरबार में मिलने की अनुमति मांगी । उसे आसानी से अनुमति मिल गई क्योंकि बैठक में चर्चा करने के लिए ज्यादा कुछ नहीं था ।

वह राजा के पास गया और बोला “महाराज, मेरे पास दो वस्तु है, बिलकुल एक जैसी लेकिन एक नकली है और एक असली । मैं हर राज्य के राजा के पास जाता हूँ और उन्हें उन वस्तुओ को परखने का आग्रह करता हूँ । लेकिन अब तक कोई भी इसे पहचान नहीं सका। और आज मैं आपके दरबार में आया हूँ ।”

राजा ने उन दो चीजों को दिखाने की अनुमति दी। वे दो सजावटी बक्से थे। बिल्कुल समान आकार समान रूप रंग, समान प्रकाश, सब कुछ समान था ।

राजा वरदानारायण ने कहा “यह दोनों वस्तुएं समान हैं।” तब उस व्यक्ति ने कहा “हाँ, वे एक जैसे दिखते हैं लेकिन वे अलग हैं। एक बॉक्स में महंगे हीरे हैं और दूसरा सिर्फ कांच का बना हुआ है, लेकिन रूप रंग सब एक है। यदि आप एक बक्स का चुनें रहे हैं, तो मुझे इसे चुनने के पीछे का कारण बताना होगा। अब तक कोई भी इस कांच और हीरे के बीच अंतर की पहचान नहीं कर सका।”

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“यदि आप सही कांच का बॉक्स की पहचान करते हैं, तो मैं आपको यह हिरे का बॉक्स दे दूंगा। और यदि आप ऐसा करने में असफल रहे तो इस हिरे की जो किम्मत है उतनी किम्मत आपको मुझे देनी होगी ।”

राजा ने उन दोनों बक्सों को करीब से देखा लेकिन वह उसमे अंतर की पहचान नहीं कर सके। यहां तक ​​कि राजाओं के मंत्रियों ने भी कहा कि वे उन बक्सों के अंतर की पहचान नहीं कर सकते। दरबार में सभी लॉगो ने हार मान ली थी।राजा वरदानारायण के पास बहुत सारा सोना था लेकिन राजा की प्रतिष्ठा गिर जायेगी, इसका सबको भय था ।

अंत में एक अंधा आदमी सामने आया और राजा से पूछा कि क्या वह कोशिश कर सकता है। राजा वरदानारायण को लगा की इसे अवसर देने में कोई हर्ज नहीं है और राजा ने उसे अनुमति दे दी । उस आदमी ने दोनों बक्से हाथ में ले लिए और उन्हें महसूस करने लगा। उस अंधे आदमी ने एक मिनट में कह दिया की यह बॉक्स हीरे से बना है और दूसरा कांच का है।

जो आदमी इतने राज्यों में जीतकर आया था वह राजा को प्रणाम किया और बोला सही है। अपने वचन के मुताबित यह हिरा का बॉक्स मैं आपके तिजोरी में दे रहा हूँ।

राजा ने अंधे आदमी से पूछा कि तुमने कैसे पहचाना तो उसने जवाब दिया “सीधी बात है महाराज, धुप में हम सब बैठे है, मैंने दोनों को छुआ। जो ठंडा था वो हिरा, और जो बॉक्स गरम था वह वह कांच से बना था।”

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Moral – जीतने वाले लोग कोई अलग चीज नहीं करते हैं बल्कि वह चीजों को अलग तरीके से करते हैं।

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