सच्ची दोस्ती

Moral Stories in Hindi

एक गाँव में २ सबसे करीबी दोस्त रेहान और नरेश रहते थे। वे बचपन से दोस्त थे। रेहान और नरेश साथ में पढ़ते और खेलते थे।

लगातार पानी की समस्या के कारण एक दिन रेहान ने अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाई । पर राजा बड़ा ही कठोर और बेरहम था । उसको जब मालूम हुआ तो उसने रेहान को फांसी पर लटका देने की आज्ञा दी । सैनिकों ने जाकर रेहान को घर से गिरफ़्तार करके राजा के पास लेकर आये।

रेहान ने राजा से कहा “आप जो कर रहे है मैं उसका सम्मान करता हूँ। मैं इस मौत की सजा को खुशी से स्वीकार करता हूं । लेकिन आप मुझे थोड़ी मोहलत दीजिये, जिससे मैं गांव जाकर अपने परिवार से मिल सकू ।”

“नहीं! मुझे तुम पर भरोसा नहीं है ” राजा ने कहा।

रेहान है दोस्त नरेश वहां मौजूद था । वह आगे बढ़कर बोला ” मैं अपने इस दोस्त की जमानत देता हूँ । अगर यह लौटकर न आए तो आप मुझे फांसी पर चढ़वा दीजिये ।”

राजा को आश्चर्य हुआ। उसने इस तरह का आदमी कभी नहीं देखा था जो दूसरों के कारण अपने जीवन का बलिदान दे सके ।

राजा ने उनकी बात मान ली। राजा ने रेहान को वापस दरबार में लौटने के लिए ५ घंटे का समय दिया और जेल में उसके दोस्त नरेश को रखा।

रेहान घर गया और अपने दोस्तों और परिवार से मिला। लेकिन वापस आते समय उसका घोड़ा घायल हो गया और ज़मीन पर गिर गया । रेहान ने घोड़े को उठाने की बहुत कोशिश की पर वह उठा ही नहीं । यहां तक कि रेहान के हाथ और पैर में भी चोटें आई थीं।

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पांच घंटे बीत गए लेकिन रेहान वापस दरबार में नहीं आया था । उसका दोस्त नरेश बहुत खुश हुआ । नरेश अपनी अंतिम सांस तक दोस्त की मदद करने में तैयार था।

जिस समय नरेश को फांसी पर ले जाया जा रहा था की यहाँ रेहान वापस आ गया। उसने नरेश से कहा “मैं अब वापस आया। तुम घर जाओ। मैं वास्तव में आपका आभारी हूं” तब नरेश बोला “नहीं, यह नहीं हो सकता है। तुम देर से दरबार में आए हो”

राजा उनकी घनिष्ठ मित्रता देख रहा था। उसे अपने कृत्य पर दुख हुआ। उसने दोनों को बुलाकर कहा “तुम्हारी दोस्ती ने मेरे दिल पर गहरा असर डाला है । जाओ, मैं तुम्हे माफ़ करता हूँ ।” उस दिन से राजा ने कभी किसी पर अन्याय नहीं किया और उसने पानी की समस्या भी हल कर दी।

Moral – खता मत गिन दोस्ती में, कि किसने क्या गुनाह किया । दोस्ती तो एक नशा है, जो तूने भी किया और मैंने भी किया।

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