शेर और लोमड़ी

एक बार जंगल का राजा शेर बीमार हो गया। कमजोरी के कारण शिकार करने में असमर्थ शेर ने एक चाल चली। अपनी वसीयत सुनाने की इच्छा से उसने अपने राज्य के सभी जानवरों को अपनी गुफा में बुलाया।

सबसे पहले एक बकरी आई और अपने महाराज के पास गई। अगले दिन एक पेड़ आया और फिर एक बछड़ा राजा की वसीयत सुनने गया। भाग्यवश शेर स्वस्थ हो गया और गुफा से बाहर आया। बाहर उसने एक लोमड़ी को बैठे देखा।

शेर ने कहा, “मैं भीतर तुम्हारी प्रतीक्षा कर रहा था… तुम आई क्यों नहीं?” लोमड़ी ने कहा, “महाराज! मैं तो आपके पास ही आई थी।

यहाँ पर मुझे बहुत सारे खुर के निशान दिखे जो भीतर की ओर गए हैं पर बाहर आता हुआ एक भी नहीं मिला।

इसलिए मैं यहीं बैठकर किसी के बाहर आने की प्रतीक्षा करने लगी।” ऐसा कहकर लोमड़ी भाग गई और शेर गुर्राता रह गया।

Moral of Short Stories In Hindi शिक्षा : शत्रु के जाल बाहर निकलना आसान नहीं।

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